(6) राम राम राम राम राम राम राम (द्यध्र्दृ द्यत्थ्र्ड्ढद्म द्धड्ढद्रड्ढद्यठ्ठद्यत्दृद)
हरि राम राम राम (ढदृद्वद्ध द्यत्थ्र्ड्ढद्म द्धड्ढद्रड्ढद्यठ्ठद्यत्दृद)
कृष्ण राम कृष्ण राम (द्यध्र्दृ द्यत्थ्र्ड्ढद्म द्धड्ढद्रड्ढद्यठ्ठद्यत्दृद)
राम राम राम राम (ढदृद्वद्ध द्यत्थ्र्ड्ढद्म द्धड्ढद्रड्ढद्यठ्ठद्यत्दृद)
रा-म रा-म रा-म रा-म (ददृ द्धड्ढद्रड्ढद्यठ्ठद्यत्दृद)
(7) जय राम
जय नारायण
जय कृष्ण
जय जगत गुरु श्रीमन्त शंकर
(8) औ ँ हरि
औ ँ राम
(9) अपराध विनाशन तजु नाम नारायण
जानि नामे पशिलो शरणे
आन गति नाहिके मरणे।
अपराध क्षमा करि तुमि दयाशील हरि
मोक रक्षा करियो चरणे।।
(10) औ ँ हरि
औ ँ राम
(11) शुणा सभासद पद द्वितीय स्कन्धर।
एकचित्ते चरण चिंतियो गोविन्दर।।
आन धर्म एरि लोवा हरि गुण नाम।
कृष्णर किंकरे कहे बोला राम राम।।
(12) औ ँ हरि
औ ँ राम
(13) श्रीमन्त शंकर हरि भकतर
जाना जेन कल्पतरु।
ताहान्त बिनाइ नाइ नाइ नाइ
आणार परम गुरु।।
(14) औ ँ हरि
औ ँ राम
कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण